Friday, January 21, 2022
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    स्वच्छ भारत मिशन – 2

    1.  स्वच्छ भारत मिशन – 2 क्या है?
    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण को वर्ष 2024-25 तक के लिए मंजूरी दे दी है। इसके लिए 1,40,881 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ एक मिशन के रूप में कार्यान्वित किया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा यह वित्त पोषण विभागों के आपसी तालमेल के माध्यम से किया जाएगा। इससे ग्रामीण भारत को ठोस एवं तरल प्रबंधन की चुनौती का प्रभावी रूप से सामना करने और देश में ग्रामीणों के स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायता मिलेगा।

    2.  स्वच्छ भारत अभियान क्या है?
    स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान है जो भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत 4041 सांविधिक नगरों के सड़क पैदल मार्ग और अन्य कई स्थल आते हैं। ये एक बड़ा आंदोलन है जिसके अंतर्गत भारत को 2019 तक पूर्ण स्वच्छ बनाने की बात कही गई थी। इस मिशन को 2 अक्टूबर, 2014 (145 वीं जन्म जयन्ती)को बापू के जन्म दिन के शुभ अवसर पर आरंभ किया गया था और 2 अक्टूबर, 2019 (बापू के 150 वीं जन्म दिन) तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

    3.  स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता क्यों है?
    स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता को निम्न रूप में देखा जा सकता है –
    * यह अत्यंत आवश्यक है कि देश के प्रत्येक घर में शौचालय हो जिससे खुले में शौच पर रोक लगे।
    * नगर निगम के कचरे का पुनर्चक्रण और पुन:प्रयोग, सुरक्षित समापन, वैज्ञानिक ढंग से मल प्रबंधन को लागू करना।
    * स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति देश के लोगों की सोच और स्वभाव में परिवर्तन लाना और साफ-सफाई की प्रक्रिया का पालन करना।
    * ग्रामीणों में वैश्विक जागरूकता लाने के लिए और सामान्य लोगों को स्वास्थ्य से जोड़ने हेतु।
    * इसके कार्यरत लोगों को स्थानीय स्तर पर कचरे के निष्पादन का नियंत्रण करना, खाद तैयार करने के लिए मदद करना।
    * संपूर्ण देश में साफ-सफाई की सुविधा को विकसित करने हेतु निजी क्षेत्रों की भागेदारी को बढ़ावा देना।
    * ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना।
    * स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से समुदायों और पंचायती राज संस्थाओं को निरंतर साफ-सफाई के प्रति जागरूक करना।

    4.  इस मिशन के अंतर्गत किस प्रकार के कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जाएगा?
    * इसके अंतर्गत ODF Plus पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ ही खुले में शौच मुक्त अभियान को जारी रखा जाएगा तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की निगरानी चार संकेतकों के अाधार पर की जाएंगी – (i) प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (ii) जैव अपघटित  ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (जिसमें पशु अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं) (iii) धूसर जल प्रबंधन और (iv) मलयुक्त कीचड़ प्रबंधन।
    * इस कार्यक्रम में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर व्यक्ति शौचालय का प्रयोग करे।
    * इसके अंतर्गत व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान मानदंडों के अनुसार नए पात्र परिवारों को 12,000 रुपये की राशि प्रदान करने का प्रावधान जारी रहेगा।
    * ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु वित्त पोषण मानदंडों को युक्ति संगत बनाया गया है और घरों की संख्या संबंधी प्रावधान को प्रति व्यक्ति आय से बदल दिया गया है साथ ही बुनियादी ढांचों जैसे खाद के गड्ढे, सोखने वाले गड्ढे, अपशिष्ट स्थितिकरण तालाब, शोधन संयंत्र आदि का भी निर्माण किया जाएगा।
    * इसके अंतर्गत घरेलू शौचालय एवं सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के माध्यम से रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित प्रदान करना जारी रहेगा।
    * ग्राम पंचायत की ग्रामीण स्तर पर सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रूपये कर दिया गया है।
    * इस कार्यक्रम का परिचालन दिशा-निर्देश के अनुसार राज्यों /संघशासित प्रदेशों द्वारा केन्द्र के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा।

    5.  इस मिशन की पृष्ठभूमि क्या है?
    भारत में 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की शुरूआत के समय ग्रामीण स्वच्छता कवरेज 38.7 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस मिशन के अंतर्गत 10 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया जिसके फलस्वरूप सभी राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों ने स्वयं को 2 अक्टूबर, 2019 को ODF घोषित कर दिया।

    6.  इस मिशन का उद्देश्य क्या है?
    इस मिशन के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सभी राज्यों को यह सलाह दी है कि वे सुनिश्चित कर लें कि ऐसा कोई ग्रामीण घर न हो, जो शौचालय का उपयोग नहीं कर पा रहा हो और यदि ऐसे किसी घर की पहचान होती है तो उसको व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के निर्माण के लिए जरूरी सहायता प्रदान की जाए जिससे कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत कोई भी घर शेष न रहे।

    7.  इस मिशन हेतु वित्त पोषण कैसा होगा?
    इसके लिए सरकार द्वारा आवंटित 1,40,881 करोड़ रुपए में से 52,497 करोड़ रुपए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के बजट में से आवंटित किए जाएंगे। शेष धनराशि मनरेगा और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के राजस्व सृजन से जुटाया जाएगा।

    8.  इस मिशन के प्रचार-प्रसार का उत्तरदायित्व किन्हें सौपा गया था?
    इस मिशन के प्रचार-प्रसार का उत्तरदायित्व निम्न बड़ी-बड़ी हस्तियों पर सौंपा गया था –
    (i) सचिन तेंदुलकर (ii) बाबा रामदेव (iii) सलमान खान (iv) अनिल अंबानी (v) प्रियंका चोपड़ा (vi) शशि थरूर (vii) मृदुला सिंहा (viii) कमल हसन (ix) महेंद्र सिंह धोनी (x) ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सीरियल की पूरी टीम।

    9.  इस मिशन की अभी तक की उपलब्धियां क्या है?
    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 10,19,64,757 घरों में शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। 6,05,055 ओपन डिफेकेशन फ्री गाँव हो चुके हैं। 706 जिले इसकी श्रेणी में आ चुके हैं। 36 राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश मिलकर इस मिशन को चला रहे हैं। ‘गांधी जी का चश्मा’ इस अभियान का लोगो (प्रतीक चिह्न) है। इसे भारत सरकार मंत्रालय के ‘जल शक्ति मंत्रालय’ के अधीन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को सौंपा गया है।

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