Friday, January 21, 2022
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    सी बी एस ई असेसमेंट फ्रेमवर्क योजना (CBSE Assessment Framework Project)

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सी बी एस ई द्वारा योग्यता आधारित शिक्षा परियोजना की शुरुआत की गई है। सी बी एस ई के असेसमेंट फ्रेमवर्क का शुभारंभ 24 मार्च, 2021 को केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के द्वारा किया गया।

    यह अंग्रेजी (पाठन), विज्ञान एवं गणित विषयों के लिए तैयार किया गया है। पहले चरण में इसे चयनित केन्द्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ एवं देशभर के निजी विद्यालय में शुरू किया जाएगा। इसके बाद 2024 में सभी 25000 सी बी एस ई विद्यालयों में लागू करने की योजना है। नया प्रारूप सी बी एस ई परियोजना का भाग है।

    1.  इस परियोजना का उद्देश्य क्या है?
    इस परियोजना के अनुसार, कक्षा 6 से 10 तक के विषयों एवं संदर्भों पर आधारित एक सांकेतिक योग्यता संरचना (Frame work) बनाया गया है। इस Frame work को ब्रिटेन की संस्था अल्फा प्लस की ओर से तैयार किया गया है। इसमें ब्रिटिश काउंसिल, सी बी एस ई, ई एन आई सी, एन ए आर आई सी से भी सहयोग लिया गया है, जो इस उद्देश्य को प्राप्त करने में CBSE की मदद कर रहे हैं। यह कार्यक्रम सी बी एस ई और ब्रिटिश काउंसिल के कॉम्पिटेंसी बेस्ट एजुकेशन प्रोजेक्ट (Competency Based Approach Project) के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रकरण आधारित दृष्टिकोण से दक्षता आधारित दृष्टिकोण में रूपांतरित करने के लिए यह परियोजना स्कूलों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप माध्यमिक स्तर पर वैश्विक तुल्य योग्यता आधारित मूल्यांकन को डिजाइन करने हेतु अपनी क्षमता का निर्माण करने में मदद करेगी।

    2.  इस परियोजना की विशेषताएँ क्या हैं ?
    यह परियोजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में निर्धारित दृष्टि के साथ संरेखित है, जो एक ऐसी प्रणाली से बदलाव का आह्वान करती है जो रटने के स्थान पर कौशल का परीक्षण करती है। यह एक ऐसी मूल्यांकन प्रणाली है जो 21वीं सदी हेतु उच्च स्तरीय कौशल का परीक्षण करती है। ब्रिटिश काउंसिल के साथ सी बी एस ई की यह योग्यता आधारित शिक्षा परियोजना छात्रों के कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने पर केंद्रित है। नई सी बी एस ई प्रणाली कक्षाओं के अंदर छात्रों को दिए गए नियमित पाठ्य पुस्तक के साथ काम करेगी।

    3.  इस परियोजना से कौन-कौन प्रभावित होंगे ?
    यह परियोजना प्रत्यक्ष रूप से 2000 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों , 180 प्रश्न पत्र लेखकों और 360 मास्टर ट्रेनर्स के साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी एवं एजुकेशनल लीडर्स को सहयोग देने के उपरांत उनके समर्थन से 25,000 सी बी एस ई विद्यालयों;1,32,000 शिक्षकों और 2024 तक भारत में दो करोड़ विद्यार्थियों को प्रभावित करेगी।

    4.  असेसमेंट फ्रेमवर्क का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    यह असेसमेंट फ्रेमवर्क एन सी ई आर टी और सी बी एस ई पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य कक्षा 6-10 तक पढ़ाया जाने वाले अंग्रेजी, विज्ञान और गणित विषयों के स्तर में सुधार लाना है।

    वहीं सीबीएसई के कॉम्पिटेंसी बेस्ट एजुकेशन प्रोजेक्ट का उद्देश्य छात्रों के अंदर क्रिएटिव थिंकिंग(creative thinking) , क्रिटिकल थिंकिंग(critical thinking) , प्रॉब्लम सॉल्विंग(problem solving) , सेल्फ अवेयरनेस(self awareness) , एम्पैथी(empathy) , डिसीजन मेकिंग(decision making) , इफेक्टिव कम्युनिकेशन(effective communication) , इंटरपर्सनल रिलेशनशिप(Inter personal relationship) , कोपिंग विथ स्ट्रेस(coping With stress) और कोपिंग विथ इमोशंस (coping With emotions) जैसे 10 लाइफ स्किल्स (life skills) का विकास करना है।

    अब छात्रों को प्रतिदिन की समस्याओं और उदाहरणों के साथ विषय पढ़ाए जाएँगे । इससे के सिर्फ पास होने के लिए पढ़ाई नहीं करेंगे अपितु विश्व की वास्तविक समस्याओं को डील करने के लिए सक्षम भी होंगे।

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