Monday, September 20, 2021
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    अल्लेप्पी :पूरब का वेनिस

    केरल स्थित इस जगह की अप्रतिम शांति हर किसी को अपना बना लेती है। यहां घूमने का अर्थ है – समुद्र तट, खूबसूरत झीलों, बैकवॉटर, हाउसबोट, शिकारा और इनके बीच में बीते शांतिपूर्ण खूबसूरत पल। अपने आकर्षित दृश्यों, खारे लैगून और झूलों की सौंदर्य के कारण अल्लेप्पी को पूर्व का वेनिस कहा जाता है। यहां की प्राकृतिक हरियाली और बैकवॉटर का साथ प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। नाव किराए पर लेकर यहां बैकवॉटर का आनंद लेना एक शानदार अनुभव है। यहां के समुद्रतट के किनारे ताड़ के पेड़ों के नीचे विश्राम करना एक अलग अनुभव देता है। कहते हैं, यहां डाॅलफिन भी नजर आती है। प्रकृति की इस गोद में शोर भी है और सुकून भी। यहां मौजूद विजया पार्क में बच्चों के लिए टॉय ट्रेन भी उपलब्ध है।

    धार्मिक स्थल –
    पन्नारासला श्री नागराजा मंदिर
    इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां नागों की पूजा होती है। बाहर से यह मंदिर एक कॉटेज जैसा नजर आता है, जहां जगह-जगह पर नागों की असंख्य मूर्तियां नजर आती है। मान्यता है कि इस मंदिर को परशुराम जी ने नागराज के लिए बनवाया था। यहां मंदार के अनेक पेड़ हैं, इस कारण मंदिर का नाम पड़ा मन्नारासला। यह भी मान्यता है कि पांच फनों वाले नागराज आज भी इस मंदिर की रक्षा करते हैं।

    श्रीकृष्ण मंदिर –
    यहां मौजूद श्रीकृष्ण मंदिर भी अपनी खूबसूरती और शांति के चलते सैलानियों को खूब आकर्षित करता है। केरल की वास्तुशिल्प शैली में निर्मित यह मंदिर दक्षिण की द्वारिका के रूप में प्रसिद्ध है।

    हाउसबोट का आनंद –
    अल्लेप्पी में हाउसबोट का आनंद भी लिया जा सकता है।यहां पर नेहरू ट्रॉफी बोट रेस का आयोजन किया जाता है।

    पांडव रॉक –
    यहां स्थित पांडव रॉक भी काफी प्रसिद्ध है। माना जाता है कि यहां पांडवों ने कुछ वक्त बिताया था।

    अन्य दर्शनीय स्थल –
    कैनाल बाजार
    इसकी खासियत यह है कि यह बाजार नहर के किनारे बना है। यहां के आयुर्वेदिक मसाज सेंटर में जाना भी एक सुखद अनुभव हो सकता है। इसके अलावा यहां के कृष्णापुरम पैलेस भी जाया जा सकता हैं, जहां से केरल की संपूर्ण झलक देखने को मिल सकती है।
    यहां भारत के जाने-माने बर्ड सेंचुरी में से एक कुमारकोम बर्ड सेंचुरी है। यहां हिमालय से लेकर दूसरे देशों के भी खूबसूरत पक्षियों को देखा जा सकता है।

    अन्य स्थानीय उत्पाद –
    अल्लेप्पी पर्यटन स्थल के दौरान  यहां की स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी भी की जा सकती है। अल्लेप्पी से लगभग 15 किलोमीटर दूरी पर वंपाकुलम हस्तशिल्प बाजार है, जो काफी लंबे क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां रेशम से बने उत्पाद, स्मृति चिह्न, हस्तशिल्प, दक्षिण भारतीय आभूषण, कालीन कॉयर उत्पाद, मसाले, गलीचे, बास्केट, मूर्तियां जैसी चीजें मिलती हैं।

    खानपान –
    अल्लेप्पी अपने खूबसूरत पर्यटन स्थलों और आकर्षित करने वाले वातावरण के साथ ही अपने स्वादिष्ट भोजन के लिए भी जाना जाता है। यहां गांव में घूमने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड का मजा भी लिया जा सकता है। यहां के कुछ प्रसिद्ध भोजन में पुट्टू कडाला,अप्पम, वड़ा, करी के अलावा केरल के अन्य पारंपरिक भोजन व सीफूड का स्वाद भी लिया जा सकता है।

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